कुदरहा में कोरोना वायरस से बचाव हेतु लोगों की प्रेरणा स्रोत बनी एकता स्वयं सहायता समूह की महिलाएं

गायघाट, बस्ती। वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। साथ ही लाकडाउन के चलते बेरोजगार हो चुके मजदूरों के लिए महिलाओं ने अनुकरणीय पहल किया है। विकास खण्ड कुदरहा के राजस्व ग्राम कोरमा की एकता आजीविका स्वयं सहायता समूह की बहनें अनीता चौधरी, माधवी ओझा, उर्मिला चौधरी, कलावती ओझा, चन्द्रकला ओझा, नीलम ओझा, विद्या ओझा, शीलम ओझा, सोनमती चौरसिया, ध्यानमती ओझा, नीलम ओझा, कंचन ओझा, प्रेमाधिक ओझा आदि महिलाओं ने अपने अपने घर से खाद्य सामग्री एकत्र करके गरीबों में वितरण किया। जिसकी क्षेत्र में सराहना हो रही है।
जागृति सी एल एफ की अध्यक्ष रेखा चौरसिया ने बताया कि क्षेत्र में तीस वीओ के अन्तर्गत सभी तीन सौ समूहों को कोरोना महामारी से बचाव हेतु लाकडाउन सहित सरकार के सभी दिशा-निर्देश का कड़ाई से पालन करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिया जा चुका है। एकता आजीविका स्वयं सहायता समूह कोरमा का कार्य बेहद सराहनीय है। जिले में चल रहे और भी समूह के लोगों को इनसे प्रेरणा लेकर वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचाव के पुनीत कार्य में सेवा करते हुए सहभागी बनना चाहिए।
समूह की अध्यक्ष अनीता देवी ने कहा कि समूह से जुड़ी सभी सदस्यों का आपस में गहरा विश्वास और तालमेल है। राहत से जुड़ा कार्य हो या विकास से, समूह से जुड़ी सभी बहनें पूरे मनोयोग से कार्य करती हैं। आजीविका मिशन के पुनीत मार्गदर्शन में वितरित किए गए खाद्य पदार्थों के अलावा क्षेत्र के लोग व्यक्तिगत रूप से गरीबों की सूची हमें उपलब्ध करायें। जरूरत के मुताबिक राहत सामग्री लोगों तक पहुंचाने का कार्य अनवरत जारी रहेगा।
समूह की सचिव माधवी ओझा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में सेनिटाइजर उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। लाक डाउन के कारण शहर जाना मुश्किल हो गया था। मंहगे दाम पर मिलने वाला एल्कोहल युक्त सेनिटाइजर ब्रत उपवास करने वाली महिलाओं को रास नहीं आ रहा था। ऐसे में नीम और तुलसी की पत्तियों को उबालकर उसमें पिसी फिटकिरी और कपूर मिलाकर एल्कोहल मुक्त स्वनिर्मित देशी सेनिटाइजर का प्रयोग सफल रहा है। खाद्य सामग्री के अलावा सेनिटाइजर बनाकर हम इसे ग्रामीण क्षेत्र में निः शुल्क वितरित कर रहे हैं।
समूह की कोषाध्यक्ष उर्मिला चौधरी ने बताया कि समूह से जुड़ी सभी सदस्य सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, पाक कला, लघु व कुटीर उद्योग में बृहद रूचि रखती हैं। समूह की सभी बहनों के सहयोग से ही बाजार से काटन का कपड़ा मंगवाकर हम मास्क बना रहे हैं। जिसे समूह से जुड़े परिवारों के अलावा क्षेत्र के अन्य लोगों में वितरित किया जा रहा है।
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