जटिल एवं गम्भीर रोगोँ में होम्योपैथिक उपचार सर्वोपरि : डॉ दीपक सिंह

कलवारी, बस्ती। जटिल एवं गम्भीर रोगों में होमियोपैथिक उपचार सर्वोपरि होता है। इस पैथी में कुछ समय तो लगता है पर रोग जड़ से समाप्त हो जाता है। जहां बर्षात के मौसम में खुजली, फोड़े, फुंसी, बच्चों में हर्पीज अचानक बढ़ जाती है। वहीं ठंढी का मौसम शुरू होते ही मौसमी बीमारियां जैसे सर्दी, खांसी, तेज बुखार, टायफाइड, डेंगू आदि मरीजो की संख्या में भारी इजाफा हो जाता है। साथ ही बच्चों में निमोनिया और वृद्ध जनों में जो सांस की बीमारी से ग्रसित है यह मौसम काफी प्रतिकूल होता है। जिसका उचित देखभाल अत्यन्त आवश्यक होता है। भीगा कपडा पहनने से दाद संबंधी बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है। डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के मुताबिक कई तरह के घातक बीमारियों में एंटीबायोटिक दवाइयां बेअसर साबित हो रही हैं। ऐसी परिस्थिति में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को अच्छे पद्धति के रूप में देखा जा रहा है।
यह कहना है होमियोपैथिक चिकित्सा महासंघ के राष्ट्रीय सचिव डॉ दीपक सिंह का। वे कुसौरा बाजार स्थित एक निजी चिकित्सालय पर स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर में लोगो को सम्बोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि बस्ती जिले के ग्रामीण क्षेत्रो में आज भी होमियोपैथिक उपचार हेतु योग्य चिकित्सको की बेहद कमी है। बिगत बर्षो में होमियोपैथिक बिधा के प्रति मरीजो की रुझान तेजी से बढ़ा है। एलोपैथिक दवाइयो के साइड इफेक्ट के चलते गंभीर रोगों का इलाज लोग होमियोपैथिक पद्धति से कराना उपुक्त मान रहे है। ग्रामीण क्षेत्रो की स्वास्थ्य ब्यवस्था बेहद ख़राब है। नीम हकीम चिकित्सको की तादाद में लगातार इजाफा हो रहा है। इनके द्वारा दी जा रही गलत दवाइयो के कारण सामान्य बीमारी भी जटिल बीमारी का रूप ले ले रही है। गाँवो में गठिया, शुगर, दमा, हाइपरटेंसन, चर्म रोग, ट्यूवरकुलोसिस जैसी समस्याएं दिनो दिन बढ़ रही है | लेकिन योग्य चिकित्सको के अभाव के चलते मरीजो को उपयुक्त चिकित्सा ब्यवस्था नहीं मिल पा रही है |
श्री सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा अधिकांश न्याय पंचायतो में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो बना दिए गए किन्तु वहाँ चिकित्सकों की तैनाती अभी तक नहीं हो सकी। सरकार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रो पर होमियोपैथिक चिकित्सकों की नियुक्ति यथाशीघ्र करनी चाहिए। ताकि ग्रामीण क्षेत्रो की स्वास्थ्य ब्यवस्था में तेजी से सुधार हो सके।
इस अवसर पर डॉ मुजम्मिल खान, डॉ सौरभ श्रीवास्तव, डॉ शक्ति सिंह, डॉ आदित्य पाण्डेय, डॉ प्रीतम गुप्ता, डॉ संजय कन्नौजिया सहित क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।